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हिंदी कविता, दिल्ली, भारत

हिन्दी कविता : रंग रंग रंग के रंग हजारों कौन से रंग में रंगूँ मैं, बेशुमार बेलगाम उम्मीदें किन बेरंग को रंगूँ मैं, बढ़ा हाथ थामले अंगुली “रूह” किस रंग में रंगूँ मैं। – सुरिन्दर सिंह “रूह” http://hi.singhstylestudio.com Advertisements

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